सीएम स्वरोजगार लोन योजना पर बैंक लगा रही है पलिता

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Bank is putting bank on self-employed loan scheme

हितग्राही लगा रहे बैंको का चक्कर

शासन से मिल रही है सब्सीडी

सीएम हेल्प लाइन पर हुई शिकायत

abdul rahman
सारनी। मुख्यमंत्री स्वरोजगार लोन योजना को बैंको के प्रबंधक पलिता लगाने मे कोई कसर नही छोड़ रहे है। नपा के शिविर मे लोन के लिए आवेदन जमा करने वाले एक साल से बैंको के चक्कर लगा रहे है। इतना ही नही करीबन एक दर्जन हितग्राही की सब्सीडी बैंको ने वापस लौटा दी है। हितग्राहीयो ने शासन की लोन योजना को मात्र छलावा बताया है। बताया जाता है कि शासन ने गरीबी रेखा के निचे जीवन यापन करने वाले हितग्राही को रोजगार देने के लिए सीएम स्वरोजगार लोन योजना के आवेदन लिए थे।

Bank is putting bank on self-employed loan schemeनपा क्षेत्र से करीबन पांच सौ लोगो ने लोन के लिए आवेदन जमा किए थे। एक साल बीत जाने के बाद भी हितग्राहीयो को लोन नही मिला है। लोन के आवेदन के लिए हितग्राहियो ने एक से दो हजार रूपए खर्च किए है। बताया जाता है कि इक्का दुक्का हितग्राही के लोन स्वीकृत करने पर बैंक प्रबंधन एक लाख के लोन पर 50 हजार की एफडी मांग रहे है। जिन गरीबो के पास एफडी का जुगाड़ नही है। येसे लोगो को इस योजना का लाभ नही मिल पा रहा है। बैंक मे लोन के आवेदन देने वाले श्री मदने,राजा कुरेशी एवं सईद खान ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंर्तगत नगर पालिका सारनी मे रोजगार के लिए आवेदन किया था। पालिका ने आवेदन को स्वीकृत करने सारनी युनियन बैंक को लोन देने के लिए प्रकरण भेजा था। बैंक मैनेजर दो लाख के लोन देने पर एक लाख की एफडी एवं जमानतदार मांग रहे है। उन्होने कहा कि एक लाख की एफडी होती तो लोन ही क्यो लेते। लोन पास होने के एक साल बाद भी बैंक अधिकारी पैसा नही दे रहे है। जबकि शासन ने पहले ही 40 हजार की सब्सीडी बैंक को दे दी है। लोन की आस मे कई हितग्राही बैंको के चक्कर लगा रहे है।

क्या है गरीबी रेखा लोन के नियम
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंर्तगत गरीबी रेखा के निचे जीवन यापन करने वाले लोगो को रोजगार के लिए कोई एफडी एवं गारंटी नही देना पड़ता है। लोन लेने वाले लोगो को शासन पहले ही सब्सीडी बैंक को सीधे भेज रही है। इसके बाद भी एफडी की डिमांड करके गरीबी को लोन से वंचित कर रहे है। बैंक प्रबंधक शासन की योजना को अपनी मर्जी एवं विवेक से चला रहे है।