व्यापमं घोटाले के एक और आरोपी डाॅक्टर की जमानत खारिज

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High court relief to then SP Swaraj Puri
Jabalpur HighCourt

पीपुल्स मेडिकल कॉलेज की पूर्व प्रवेश समिति के सदस्य डॉ डिओ पियो महंत को अग्रिम जमानत देने से हाईकोर्ट ने किया इंकार

जबलपुर। व्यापमं घोटाले के एक बड़े आरोपी को हाईकोर्ट ने करारा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने इस घोटाले में पहले बिग शॉट के रूप में जाने जाते भोपाल के एक डाक्टर की अग्रिम जमानत अर्जीं खारिज कर दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने यह कड़ी और स्पष्ट टिप्पणी भी की है कि व्यापमं घोटाला सबसे बड़े घोटालों में से एक है। इसलिए इसके आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।

High court relief to then SP Swaraj Puri
Jabalpur HighCourt

नियमित जमानत के लिए करना होगा आवेदन
मध्यप्रदेश हाई कोर्टं ने पीपुल्स मेडिकल कॉलेज भोपाल के पूर्व प्रवेश समिति के सदस्य डॉक्टर डिओ पियो महंत को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है । उनकी अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद कोर्टं ने कहा कि व्यापमं घोटाला सबसे बड़े घोटालों में से एक है। इसके आरोपी को अग्रिम जमानत देना उचित नहीं है । हाईकोर्ट ने यभी स्पष्ट कर दिया कि याचिकाकर्ता को इस मामले की सुनवाई कर रही निचली अदालत के समक्ष ही जाना होगा। आरोपी को नियमित जमानत के लिए निचली अदालत में आवेदन करना होगा ।

छात्र को भी किया गिरफ्तार
इस घोटाले में सीबीआई भी सक्रिय है। सीबीआई की टीम ने व्यवासायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) महाघोटाले में पीएमटी 2012 के फर्जीवाड़े में ग्वालियर के एक छात्र को गुरुवार को जबलपुर मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से गिरफ्तार किया है। छात्र पर आरोप है कि उसने सात साल्वर उपलब्ध कराए थे और 12 अन्य फर्जी अभ्यर्थियों के नाम पर कोटा से फीस भरी थी। पकड़े गए छात्र का नाम जितेंद्र कुशवाहा बताया गया है और वह एमबीबीएस फाइनल में है। उस पर आरोप है कि वह महाघोटाले के सरगना डॉ.जगदीश सागर के गिरोह के लिए काम कर रहा था।
सीबीआई की चार्जशीट में जितेंद्र पर पीएमटी 2012 में डॉ.सागर को सात साल्वर उपलब्ध कराए जाने का आरोप है। उसने 12 अभ्यर्थियों के नाम से कोटा के महावीर नगर स्थित स्टेट बैंक की शाखा से फीस भी भरी थी। कोटा के कियोस्क मालिक दिलीप सोनी ने जांच में स्वीकार किया है कि जितेंद्र अकेले आया था और विभिन्न पतों वाले अभ्यर्थियों के फॉर्म भरकर उनकी फीस भी दी थी।