All type of NewsFeaturedदेश

सीएम फड़नवीस के आश्वासन के बाद मान गए अन्नदाता, खत्म हुआ आंदोलन

सीएम फड़नवीस के आश्वासन के बाद मान गए अन्नदाता, खत्म हुआ आंदोलन

After the assurance of CM Fadnavis, Anandar, the finished movement

मुंबई एजेंसी, आॅल इंडिया किसान सभा से जुड़े 30 हजार से ज्यादा किसान, जो पिछले हफ्ते नासिक से पैदल निकले थे, उन्होंने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार की कमेटी से मुलाकात की। राज्य के सिंचाई मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि सरकार ने किसानों की मांगें मान ली हैं। इसमें जमीन हस्तांतरण के अधिकार सहित बाकी अन्य मांगें भी हैं। इस मुलाकात के बाद किसानों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है। किसानों के अपने घर पहुंचने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की भी मांग सरकार ने मान ली है।

After the assurance of CM Fadnavis, Anandar, the finished movementकिसानों की शिकायत कि जो उनकी जमीन है, उससे कम उनके नाम पर है। ऐसे में अभी वो जितनी जमीन पर खेती कर रहे हैं, वो उनके नाम पर होनी चाहिए। इस मांग को भी मुख्यमंत्री देवेंद्र ने मान लिया है। अब इस मामले पर राज्य के मुख्य सचिव नजर रखेंगे और आने वाले 6 महीनों के भीतर ये सभी मांगें मानी जाएंगी। किसान मुंबई में विधान भवन का घेराव करने पर अड़े थे, ताकि अपनी मांगों को मनवा सके। इसमें पूरा लोन माफ, एमएस स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करना। साथ ही जमीन अधिग्रहण की सूरत में उचित मुआवजे की मांग भी शामिल है।

कर्ज में डूबे हैं देश के 6.3 करोड़ किसान
देश में 9 करोड़ किसान परिवार हैं जिसमें 6.3 करोड़ परिवार कर्ज में डूबा हुआ है। कर्ज में डूबने के कारण 1995 के बाद से अब तक करीब 4 लाख किसान खुदकुशी कर चुके हैं, इसमें खुदकुशी करने वाले करीब 76 हजार किसान अकेले महाराष्ट्र से हैं। खेती से जुड़ी सबसे ज्यादा समस्याएं इसी राज्य से हैं। महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों में भी किसान खुदकुशी करते रहे हैं। 2017 में इन राज्यों में किसानों ने सबसे ज्यादा खुदकुशी की।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi