मारपीट के विरोध में 35 डॉक्टरों का सामूहिक इस्तीफा

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35 doctors resign over protest

मामला सुलझाने पहुंंचे जेडी, मृतक के परिजनों ने एसपी को ज्ञापन देकर मांगा न्याय

vishnu shrivastav
टीकमगढ़। बीते 16 अगस्त को जिला चिकित्सालय में इलाज हेतु भर्ती कराए गए इकबाल खान की मौत के बाद मृतक के परिजनों और डॉक्टर अमित शुक्ला के बीच हुए विवाद का मामला गहराता ही जा रहा है। इस मामले में आज सुबह करीब 10 बजे जिला चिकित्सालय में पदस्थ सिविल सर्जन डॉक्टर आरएस दंडौतिया को करीब 34 डॉक्टरों ने सामूहिक रुप से इस्तीफा सौंप दिया। इन डॉक्टरों का कहना है कि चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सक एवं बिशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार एवं मारपीट के कारण शासन द्वारा मेडीकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार कर कार्यवाही ना करने के विरोध में वह 21 अगस्त से स्वेच्छा से इस्तीफा दे रहे हंै। इस मामले में 16 अगस्त को इलाज के दौरान मृतक इकबाल खान के परिजनों सहित ग्रामवासियों ने दोपहर करीब तीन बजे पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक सहित सीएमएचओ डॉ. श्रीमती वर्षा राय को शिकायती पत्र देकर ड्यूटी में लापरवाही करने वाले डॉक्टर अमित शुक्ला के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। इस मामले को सुलझाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के संभागीय संचालक संतोष कुमार जैन शाम 6 बजे के करीब जिला मुख्यालय पर पहुंचकर प्रयासरत हो गए हैं। समाचार लिखे जाने तक ट्रामा सेंटर की दूसरी मंजिल पर डॉक्टरों के साथ संभागीय संचालक की बैठक चल रही थी।

35 doctors resign over protestप्रसूता की हालत बिगडऩे पर पहुंची डॉक्टर
डॉक्टरों के इस्तीफे के बाद जिला चिकित्सालय में इलाज हेतु भर्ती मरीजों को दिन भर परेशान होते देखा गया। प्रसव हेतु भर्ती कराई नगर टीकमगढ़ के मोहल्ला मदार छल्ला निवासी निशायरा बानों की तबीयत दोपहर तीन बजे बिगड़ जाने के चलते उसके परिजन डॉक्टरों के सामने गुहार लगाते नजर आए लेकिन इनके कानों में जू तक नहीं रेंगी। शाम छह बजे जिला चिकित्सालय पहुंचे जेडी को जब महिला के परिजनों ने समस्या बताई तो उन्होने स्वयं ही डिलीवरी कराने या शीघ्र ही व्यवस्था करने की बात कहते हुए डॉ. लता लक्ष्मी को कॉल किया। जेडी के कॉल उपरांत जिला चिकित्सालय पहुंची डॉ. लता लक्ष्मी ने प्रसूता महिला का इलाज शुरू कर डिलीवरी कराने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी।

मृतक के परिजनों ने निष्पक्ष जांच का किया आग्रह
बीती 16 अगस्त को जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीज इकबाल खान की मौत के लिए डॉ. अमित शुक्ला की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मृतक के परिजनों का कहना है कि डॉ. अमित शुक्ला से बार-बार आग्रह करने के बाद भी इकबाल का इलाज समय पर नहीं किया गया और इसी वजह से उनकी मौत हो गई। इकबाल की मौत होने के बाद उनके परिजनों द्वारा 16 अगस्त को नगर निरीक्षक को शिकायती आवेदन देकर डॉ. अमित शुक्ला के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु आग्रह किया गया था। इसके पश्चात 19 अगस्त को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उपस्थित होकर इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने हेतु आग्रह किया गया लेकिन पुलिस द्वारा मृतक के परिजनों के खिलाफ ही झूठा प्रकरण कायम कर लिया। डॉक्टरों द्वारा प्रशासन पर दबाब बनाने की भनक मिलते ही मृतक के परिजनों ने 21 अगस्त को एक बार फिर पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित होकर इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर ड्यूटी में लापरवाही करने वाले डॉ. अमित शुक्ला के विरुद्ध कार्यवाही करने का आग्रह करते हुए उन्हे न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

यह डॉक्टर रहे शामिल
इस्तीफा सौंपने वालों में डॉ अशोक नायक, डॉ. ओपी अनुरागी, डॉ. के आर झा, डॉ. विनोद रावत, डॉ. महीपत यादव, डॉ. हर्ष गुप्ता, डॉ. सिद्धार्थ रावत, डॉ. अजित जैन, डॉ. डीएस भदौरिया, डॉ. अमित चौधरी, डॉ. अमित शुक्ला, डॉ. कमलेश गुप्ता, डॉ. एचबी बडग़ैंया, डॉ. श्रीमती शीलू जौहरी, डॉ. श्रीमती रेखा बडग़ैया, डॉ. विकास जैन, डॉ. श्रीमती लता लक्ष्मी प्रजापति, डॉ. श्रीमती पूजा सिंह, डॉ. नेहा नंदन भदौरिया, डॉ. लतिका खरे, डॉ. कमलेश सूत्रकार, डॉ. यशस्वी खरे, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. रश्मि जैन, डॉ. हेमंत आर्या, डॉ. अभिषेक पुरोहित, डॉ. एसके भदौरा, डॉ. जीएल बिश्वकर्मा, डॉ. रुचि शर्मा, डॉ. अम्बरीष शुक्ला, डॉ. हेमलता बमौरिया, डॉ. परवीन खान, डॉ. अनुपम जैन शामिल हैं।