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माता बनी कुमाता, लाडली को फेंका अस्पताल परिसर में

कुत्ते नोंच रहें थे नवजात को

नवजात का सिर था गायब

किसी मां ने अपने ममत्व को कलंकित कर डाला। लगभग ७ माह अपने कोख में रखने के बाद जन्म से पहले लाडली को कुत्ते का निवाला बनाने के लिये फेंक दिया। जिला चिकित्सालय परिसर में लगभग ७ माह की अजन्मी बच्ची की मिलने से तरह-तरह की चर्चा फैल गई।
राजेश शुक्ला
अनूपपुर। किसी मां का पाप काहें या फिर डॉक्टरों की लापरवाही यह सब तो जांच के बाद का विषय है लेकिन यह जरूर कहा जा सकता है कि घटना हृदय विकराल घटना है। मामला जिला चिकित्सालय का है। जहां मंगलवार ९ सितम्बर को किसी ने कपड़े में लपेटकर अजन्मी बच्ची को नाली के पास फेंक दिया। जहां पर कुत्तों, जानवरों ने उसे नोच रहें थे तभी राहगीरों की नजर उस बच्ची पर पड़ी जिसे अस्पताल प्रबंधक को इसकी जानकारी दी गई। जहां प्रबंधक ने पहले तो मामले को दबाने का प्रयास किया लेकिन जब मामला चारों ओर फैल गया तो बच्ची के मिलने की जानकारी पुलिस को दी गई।
अस्पताल में नहीं है रिकार्ड
जिला चिकित्सालय के नेत्र विभाग के पास मिली अजन्मी बच्ची का रिकार्ड अस्पताल के रिकार्ड में कहीं पर भी दर्ज नहीं है। सूत्रों की मांग तो यह मामला गर्भपात का लग रहा है। जहां पर किसी ने गर्भपात करवा कर बच्ची को अकेले में फेकवा दिया। लवारिस मिली बच्चे के बारे में भी अस्पताल के जिम्मेदारों को भी कुछ पता नहीं है।
तरह-तरह की चर्चा
अजन्मी बच्चे के मिलने के बाद पूरे शहर में तरह-तरह की चर्चा है। अस्पताल परिसर में इस तरह से बच्ची मिलने पर अस्पताल प्रबंधक पर उंगली उठ रही है कि कहीं अस्पताल के अंदर ही डॉक्टरों द्वारा गर्भपात करवा कर अजन्मी बच्ची को बाहर फेंकवा दिया गया। जहां पर बच्ची को जानवारों ने नोच डाला अगर राहगीरों द्वारा अस्पताल प्रबंधक को न चेताया होता तो शायद बच्ची को कुत्ते अपना निवाला बना लेतें।
जांच में जुटी पुलिस
मामला न दबने के बाद अस्पताल प्रबंधक द्वारा आनन-फानन में अस्पताल परिसर में मिली अजन्मी मृत बच्ची की मिलने की सूचना। कोतवाली अनूपपुर को दी गई जहां पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर जहां पर पड़ी मिली बच्ची व बच्ची का पंचनामा तैयार कर जांच में पुलिस जुट गई।
इनका कहना है
अस्पताल के पास एक मृत हालत में नवजात शिशु का शव मिला है जिसकी छानबीन अपने अस्पताल में कर रहें है व बाहर भी जानकारी ले रहें है हमनें मृतक शिशु को सुरक्षित रखा है और पुलिस को इसकी सूचना दे दी है।
डॉ. आर.एस.परस्ते
सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय अनूपपुर

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi