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बिक रहा मिलावटी पेट्रोल, अधिकारियों की बल्ले-बल्ले

सालों से नहीं हुई जांच-पड़ताल, नई गाडिय़ों इंजन दो-तीन माह मेें दे रहे जबाब

कंपनी का दाबा- अच्छा पेट्रोल तो न आएगी खराबी

1पेट्रोल की अशुद्धता के चलते लोगों की नई बाइकों के इंजन समय से पहले खुल रहे हैं। वाहन एजेंसियों का दावा है कि उनके द्वारा निर्मित वाहनों में यदि शुद्ध ईंधन का उपयोग होगा तो अधिक समय तक वाहनों के इंजनों में कोई शिकायत नहीं आएगी। लेकिन यहां के अधिकतर पेट्रोल पंपों में अशुद्ध ईंधन बेखौफ बेचा जा रहा है। ऐसे में आम उपभोक्ता क्या जाने कि किस पेट्रोल पंप का ईंधन सही है या किसका गलत। प्रशासनिक घालमेल के चलते अशुद्ध कुछ नहीं के तर्ज पर पूरी व्यवस्था चल रही है। लोगों की गाडिय़ां चाहे जबाब दे जाएं या जो भी हो इससे न तो पेट्रोल पंप मालिकों कोई लेना देना है और न ही जिला प्रशासन को कोई सरोकार है।
khemchandra vishwkarma
कटनी। शहर के अधिकतर पेट्रोल पंपों में अशुद्ध व मिलावटी पेट्रोल मिलने के समाचार मिल रहे हैं। यहां तक कि कई वाहन रिपेयरर भी इस बात को स्वीकार करते हुए वाहन मालिकों को समझाईश देते हैं कि फला पेट्रोल पंप से पेट्राल न डलाएं और फलां पेट्रोल पंप से पेट्रोल डलाएं। याने यह बात तो सच है कि कुछ पेट्रोल में अशुद्धता पाई जा रही है।
हकीकत से परे प्रशासन
पेट्रोलिंग विभाग का अमला या तो सांठ-गांठ के चलते जांच नहीं कर रहा या तो फिर कोई अन्य दबाब है। लोगों के अशुद्ध पेट्रोल से लाखों के वाहन समय से पहले जबाब दे रहे हैं। वाहनों को सुधरवाने में लोगों का पैसा बर्वाद हो रहा है। प्रशासन को इसकी चिंता नहीं है। प्रशासनिक अमला तो बस अपना उल्लू सीधा कर रहा है।
डेन्सिटी, घनत्व के डिस्प्ले गायब
नगर व आसपास अधिकांश पेट्रोल पंपों में पेट्रोल की शुद्वता प्रदर्शित करने वाली डेन्सिटी /घनत्व/ डिस्प्ले बोर्ड में नही दर्शाया जाता या जानबूझकर बंद रखा जाता है। इससे शंका उत्पन्न होती है कि कहीं इन पेट्रोल पंपों में मिलावटी पेट्रोल-डीजल आदि का विक्रय तो नही किया जा रहा। जिला प्रशासन को इस बारे में पुख्ता व प्रामाणिक जानकारी होने के बावजूद किसी तरह की कार्यवाही नही की जा रही है। जो अपने आप में बड़ा सवाल है। दरअसल दोपहिया से लेकर तिपहिया, चारपहिया और बड़े वाहनों तक के एंजिन में गांरटी पीरियड में आ रही शिकायतों के चलते मिलावटी डीजल- पेट्रोल के  बढ़ते कारोबार का संदेह ही यकीन हो चला है। ऐसा नही है कि मिलावट से कोई अछूता है फिर भी किसी पर कोई कार्यवाही नही। यही वजह है कि लोगों ने अपने ही अनुमान के आधार पर कम या ज्यादा मिलावट वाले पंपों से तेल भरवाना शुरू कर दिया है।
पुराने डिस्प्ले से चल रहा का
उल्लेखनीय है कि पेट्रालियम मंत्रालय केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल पंपों में रेट, क्षमता तथा घनत्व अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिये हंै। आधुनिक पंप मशीनों को लगाने का भी निर्देश है परन्तु अधिकांश पेट्रोल पंपो द्वारा अभी भी पुराने पैटर्न के अलावा नई मशीनों के डिस्पले बोर्ड बिगाड़कर भी काम चलाया जा रहा है। जिसमें बहुत साफ तौर पर घनत्व भी स्पष्ट नही होता। इस तरह आम उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi