अम्बेडकरनगरउ.प्र.

बढती आपराधिक वारदातों ने छीना चैन, नहीं पसीज रहा वेदर्द हाकिमों का दिल

पंजीकृत मामलों में कार्यवाही मे शिथिलता से बढता है अपराधियों का हौसला

लूट, हत्या, दुराचार व छिनैती जैसी दर्जनों वारदातों में किसी का नहीं हुआ खुलासा

manish verma

आलापुर/बसखारी। अम्बेडकरनगर। जिले में ताबड़ातोड़ हो रही हत्या, लूट, डकैती, छिनैती दुष्कर्म, मारपीट चोरी एवं नकबजनी की वारदातों ने लोगों का सुकून छीन लिया। पहले तों पुलिस ज्यादातर मामलों की प्राथमिकी दर्ज करने से ही कतराती है येनकेन प्रकारेण यदि प्रज्ञिमिकी दर्ज कर ली तो कार्रीवाई के नाम पर सप्ताह पखवार नहीं कई कई माह एवं वष बीत जाने के बाद भी नतीजा सिफर रहता है। पीड़ित कार्रवाई की आश में चौकी थाना कोतवाली सीओ आफिस से लेकर एसपी आफिस तक की कई चक्रों में गणेश पकरक्रमा करने के बाद किसी न किसी नेता का दामन थामने को विवश हो रहा है। फिर भी वेदर्द हाकिमों का दिल नहीं पसीज रहा है। और पीड़ितों को इंसाफ मिल पाने की उम्मीद क्षीण होती नजर आ रही है। थानों में पंजीकृत मामलों की भी लम्बी फेहरिश्त है। आये दिन कल से बडी होने वाली घटनायें स्थिति को इस कदर भयावह वना रही है कि पुराने मामलों एवं विवेचनाओं को निवटाने में फुर्सत ही नहीं मिल पा रही है। जिले में सर्वाधिक बदतर हालात क्षेत्राधिकारी विहीन आलापुर सर्किल के ही हैं। जो पीड़ितों को न्याय मिल पाना आसमां में छेद करने सरीखा हो गया है। अपराधियों के तमंचे के शोर में पुलिस के डंडे का जोर गुम हो गया है। हालात इस कदर बेकाबू हो गये हैं कि शरारती एवं मनवढ़ किश्म के लोग सरेआम पुलिस कर्मियों की पिटाई कर देने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। जिम्मेदारों द्वारा प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय महज शान्ति भंग की कार्रवाई कर कर्तब्यों की इतिश्री समझ ली जा रही है। बिडम्बना है कि आलाहाकिम भी कागजी आंकड़ों की बाजीगरी की जमीनी हकीकत जानने एवं जांचने की जहमत ही नहीं उठाना चाह रहे हैं। लिहाजा पीड़ित परेशान एवं मायूस नजर आ रहे है। आलापुर थाना क्षेत्र के वरईपुर में चचेरी बहनों को फरवरी माह में प्रथम सप्ताह मे अगवाकर बन्धक वना बहशी दरिन्दों ने सामूहिक दुष्कर्म किया पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने में ही डेढ़ माह का वक्त लगा दिया। डेढ़ माह बाद जब तीन आरोपितों के विरूद्ध सामूहिक दूष्कर्म पास्कों एक्ट एवं दलित उत्पीडन निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर सीओ आलापुर का विवेचना सांपी गयी तो वे मामलों में कड़ी एवं नजीर देने वाली कार्रवाई करने के बजाय पीड़िताओं एवं उनके परिजनों पर ही आरोपियों से सुलह करने का दवाव वनाने लगे। इतना ही नहीं स्वच्छन्द विचरण कर रहे आरोपी पीड़िताओं एवं उनके परिजनों को तबाह कर देने की धमकी देते रहे। ऐसा तब रहा जब चिकित्सीय परीक्षण में दोनों के नावालिक होने एवं दुराचार किये जाने की पुष्टि भी हुई लेकिन आरोपियों को जेल की सलाखों में पहुंचाया जाना तो दूर अभी तक सामूहिक दुष्कर्म की शिकार चचेरी बहनों को न्यायलय में मजिस्ट्रेट व न्यायाधीश के समक्ष 164 का कलमबन्द वयान तक दर्ज नहीं कराया जा सका है। पीड़िताओं एवं परिजन हर उस चौखट पर दस्तक देते फिर रहे हैं जहां संे न्याय मिल पाने की जरा सी भी गुंजाइश है। लेकिन वेदर्द हाकिमों का दिल नहीं पसीज रहा है। बीती 14 फरवरी को सतरही गांव में अट्ठारह वर्षीय अज्ञात युवतीह की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या किये जाने के मामले में भी पुलिस का यही रवैया है। पुलिस अभी तक मामले का राजफाश कर आरोपितों की गिरफ्तारी कर पाना तो दूर मृतका की शिनाख्त तक नहीं कर पायी जिसस आलापुर प8ुलिस की सक्रियता का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। फरवरी माह में ही आलापुर क्षेत्र के महमदपुर देवीदयाल एम आमादरवेशपुर गांव तथा उसके बाद दिलावलपुर एवं सरांवा गांव सें असलहों के बल पर अगवा की गयी किशोरियों एवं युवतियों की वरामदगी एवं अपहर्ताओं की गिरफ्तारी आज तक नहीं हो पायी। अपहृत किशोरियों एवं युवतियों की वरामदगी के लिए परिजन उच्चाधिकारियों से फरियाद करते करते थक जा रहे हैं लेकिन मायूसी ही हाथ लग रही है। आलापुर थाना क्षेत्र के शाहपुर में वृद्ध दम्पति पर कुल्हाड़ी से प्राणलेवा हमला कर उनका हाथ पैर काट लेने के नामजद आरोपी स्वछन्द विचरण कर ब्यवस्था को ही चुनौती दे रहे हैं। लेकिन पुलिस सियासी दवाव में उन पर हाथ डालने का साहस नहीं जुटा पा रही है। ऐसा तब है जब पखवारे भर पूर्व पीड़ितों ने हाकिम से मिल अपनी ब्यथा भर सुनाया था। वावजूद इसके कार्रवाई के नाम पर नतीजा सिफर है। यही हाल महेशपुर मण्डप निवासी रामप्रकाश एवं उसकी सात वर्षीया मासूम पुत्री चांदनी पर प्राणलेवा हमले में ही पुलिस आरोपियों पर इस कदर मेहरवान है कि अभी तक मामले की समुचित धराओं में परिवर्तित तक नहीं किया जा सका। भौरा गांव निवासी बिक्रमाजीत मौर्य, मनवरपुर निवासी धीरेन्द्र सिंह एवं न्यौरी गांव निवासी युवक अपनी छः माह पूर्व चोरी गयी बाइकों ी बरामदगी के लिए भटक रहे हैं। तो जैतपुर थाना क्षेत्र के नेवादा गांव निवासी मनोज पुर सत्यानारायन आलापुर के अमोला मोड़ के पास लूटी बाइक की बरामदगी एवं एवं लूटेरों की गिरफ्तारी के लिए परेशान है लेकिन कार्रवाई के नाम पर नतीजा सिफर है। शिवतारा गांव निवासिनी मनभावती एवं एसबीआई की आलापुर शाखा में प्रबन्धक द्वारा आलापुर थाने में दर्ज कराये गये धोखाधड़ी, जालसाजी एवं गमन के मामले में भी कार्रवाई के नाम पर नतीजा सिफर है। बीते वर्ष 3 नवम्बर को मकरहीं रियासत के दुर्गा मन्दिर से चोरो द्वारा उड़ायी गयी मां दुर्गा की करोड़ो रूपये की वेशकीमती अष्टधातु की मूर्ति वरामदगी आज तक नहीं हो पायी। कई अन्य पंजीकृत मामलो को भी कार्रवाई के नाम पर नतीजा सिफर है। ऐसे में भी हाकिमों की चौखट की गणेश परिक्रमा करने के बादी न किसी नेता का दामन थामने को विवश हो रहा है। यही हाल राजेसुल्तानपुर एवं जहांगीरगंज थानों के पंजीकृत मामलों के कार्रवाई को लेकर है। राजेसुल्तानपुर पुलिस तो गम्भीर आपराधिक मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय उसे हजम करने करने में ही अपना वक्त जाया कर रही है। आठ दिन पूर्व बीते मंगलवार को राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के उमरौना गांव में शाम को दैनिक क्रिया से निवृत्त होने के लिए निकली किशोरी को गांव के मनवढ़ युवक जबरिया खेत में घसीट ले गये तथा उसके साथ हैवानियत की हदें पार करते हुए सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी दरिन्दों की गिरफ्त से छूटने के लिए चीखती चिल्लाती रही लेकिन बहशी दरिन्दों ने उसकी एक न सुनी। वाद में चीख पुकार सुन जब बड़ी संख्या में ग्रामीड़ वहां पहुंच तो उसे एक आरोपी उसे धमकाते हुए भाग निकला जबकि दूसरे कासे ग्रामीणों ने दवोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पीड़िता के के पिता ने सामूहिक दुष्कर्म मामले की नामजद प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दिया लेकिन पुलिस मामला पंजीकृत करनेमें ही हीलाहवाली करती रही। पीड़िता का पिता उच्चाधिकारियों से गुहार लगाता रहा लेकिन नतीजा सिफर रहा। जेठास गांव निवासी वेदप्रकाश पाण्डेय पर जान लेवा हमले एवं महारमपुर गांव निवासी परवीन कुमार पुत्र रामवृक्ष पर हुए प्राणलेवा हमले तथा कई अन्य पंजीकृत मामले के कार्रवाइ के नाम पर नतीजा सिफर है। जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के बसहिया गंगासागर में बीती 26 जून को मट्टिी पाटने को लेकर हुई कहासुनी में बिक्रमाजीत निषाद की फावड़े से काटकर नृशस हत्या कर दी गयी। वचाव में दौड़ी उसकी पत्नी किसमत्ती पर भी प्राणलेवा हमला किया गया मृतक बिक्रमाजीत निषाद के पुत्र हौसिला प्रसाद द्वारा दी गयी तहरीर पर पुलिस ने मामला पंजीकृत करने में ही खेल कर दिया। हत्या के बजाय गैर इरादतन हत्या की धारा ओं में आरोपी अवधेश निषाद उसकी मां धनावती देवी के विरूद्ध तो पंजीकृत कर लिया लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस उनकी परछाई तक नहीं पा सकी। हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए पीड़ित उच्चाधिकारियों की चौखट पर दस्तक दे रहे हैं। लेकिन कार्रवाई के नाम पर नतीजा सिफर है। हुसेनपुर खुर्द बाजार के पास सशस्त्र बदमाशों द्वारा लूटी गयी उनकी बाइक की वरामदगी के लिए हंसवर निवासी सिद्धान्त यादव हाकिमों की चौखट पर दस्तक दे रहा है लेकिन पुलिस जनवरी माह में लुटी गयी बाइक की वरामदगी आज तक नहीं कर पायी। कई अन्य पंजीकृत मामलों में कार्रवाई े नाम पर नतीजा सिफर है। ऐस में भी वेदर्द हाकिमों का दिल नहीं पसीज रहा है।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi