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पार्षद बोले गरीब अब भी दर-दर भटक रहे

निगमायुक्त से मुलाकात कर अंतिम पत्र सौंपा

Brijesh Parmar, उज्जैन। निगमायुक्त से मुलाकात कर पार्षदों ने अंतिम पत्र सौंपते हुए कहा है कि शहर में करीब 50 हजार से अधिक हितग्राही खाद्य सुरक्षा अधिनियम की पात्रता रखते हैं। इसके बावजूद आईडी नहीं बनने के कारण गरीबों को दर-दर की ठोकरें खाना पड़ रही है। निगम प्रशासन को लगातार अवगत करवाने के बाद भी इस मामले में अब तक सुधार नहीं हुआ है।
शनिवार को निगमायुक्त विवेक श्रोत्रिय से नेता पक्ष जगदीश पांचाल के नेतृत्व में पार्षद सुनील गोयल, सतीश भावसार, कमलेश सोबरनसिंह भदौरिया, मीना जोनवाल, पंकज चौधरी, योगेश भाटी गब्बर ने मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान निगमायुक्त को एक पत्र सौंपकर बताया गया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम में वर्तमान में मात्र 415 पात्रता पर्चियां बांटी गई हैं। शहर में करीब 50 हजार से अधिक इसके पात्र हितग्राही हैं। आईडी के लिये लगातार अवगत कराने के बावजूद निगम प्रशासन ने भूमिका सुनिश्चित नहीं की, जिसके चलते गरीब लोग परेशान होकर आये दिन दर-दर भटक रहे हैं। इसके लिये निगम प्रशासन वार्ड स्तर पर शिविर लगाये। चिन्हित करते हुए ऐसे लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध हो ऐसा कार्यक्रम बनायें। इसके साथ ही पार्षदों ने श्री सिंथेटिक्स उद्योग को भी इस पात्रता में जोड़ा जाने का पक्ष रखा है। इसके लिये श्रम विभाग से भी चर्चा की जा रही है। नगर निगम प्रशासन भी श्री सिंथेटिक्स के कर्मचारियों के नाम पात्रता सूची में जुड़वाने के लिये प्रयास करें। पार्षदों ने निगमायुक्त से चर्चा के दौरान यह भी कहा कि आईटी सेल में किये गये कार्य की जांच भी की जाना चाहिये। कब कितनी आईडी जनरेट हुई। आईडी के लिये दिया गया ठेका कब तक चला और किसे दिया गया? इस पर भी जाँच हो। किस व्यक्ति ने कितनी आईडी जनरेट की है और फेरबदल किये गये हैं, इसकी भी जांच की जाना चाहिये। इस मुद्दे पर आयुक्त ने सभी पार्षदों को अवगत करवाया कि शीघ्र ही वार्डों में शिविर आयोजित कर आईडी पंजीयन का काम करवाया जायेगा।
आईटी सेल प्रभारी की खिंचाई
निगमायुक्त ने ट्रिपल एसएम आईडी के पंजीयन को लेकर शनिवार को आईटी सेल प्रभारी की जमकर खिंचाई कर दी। आईडी के मुद्दे को लेकर पार्षदों की खरी-खोटी के बाद निगमायुक्त ने सेल प्रभारी सरदारसिंह सोलंकी से इस संबंध में तमाम जानकारियां तलब की। खुद निगमायुक्त आईटी सेल के कार्यालय में जाकर बैठे और उन्होंने ए टू झेड जानकारियां लेते हुए प्रभारी को काम ठीक से नहीं होने के कारण जमकर डपटा। निगमायुक्त यहां तक कह गये कि तुम्हारे कारण पूरा काम बिगड़ गया।
चार माह से आईडी का काम, मिले मात्र 3 हजार
नगर निगम में एक युवक पिछले 3-4 माह से ट्रिपल एसएम आईडी की ऑनलाइन पंजीयन के काम में लगा हुआ है। इस युवक को इतने माह के बीच मात्र 3 हजार रुपये अब तक दिये गये हैं। यह जानकारी खुद युवक ने पार्षदों के समक्ष रखी है। युवक का कहना है कि उसे यहां दिहाड़ी मजदूरी पर लाया गया था और अब तक मात्र 3 हजार रुपये दिये गये हैं।
30 से पार्षदों के घर बैठेंगे 2 कर्मचारी
निगमायुक्त विवेक श्रोत्रिय ने पार्षदों से मुलाकात के उपरांत ट्रिपल एसएम आईडी की समस्या निदान के लिये शनिवार दोपहर आदेश जारी किये हैं। 108 कर्मचारियों को आदेश जारी किये गये हैं कि प्रत्येक वार्ड पार्षद के निवास पर 2-2 कर्मचारी 30 जून से 2 जुलाई तक दिनभर बैठकर ट्रिपल एसएम आईडी पंजीयन, संशोधन के साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिनियम की पात्रता के संबंध में आवेदन लेंगे। सभी कर्मचारी कार्यालयीन समय में पार्षद निवास पर इस कार्य को करेंगे। ये वही कर्मचारी हैं जिन्होंने हाल ही में वार्डवार खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अजा-जजा पात्र हितग्राहियों का सर्वे किया था।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi