झोन 2 के पार्षद ने विधि समिति में लगाई आपत्ति

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होर्डिंग के बिल भुगतान को लेकर आयुक्त-महापौर को भी दी प्रति

 

(Brijesh Parmar)उज्जैन। नगर निगम झोन क्र. 2 में चल रहे मनमानी के काम को लेकर झोन पार्षदों में असंतोष गहराता जा रहा है। डेढ़ वर्ष से झोन की बैठक नहीं होना बड़ा मुद्दा है। झोन के पार्षदों के हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। इसी असंतोष का परिणाम यह है कि भेदभाव करते हुए लगाये गये होर्डिंग के बिल पर आपत्ति दर्ज हुई थी। आपत्ति के बावजूद बिल का भुगतान हो गया। इस पर भी आपत्ति लगी है। विधि समिति के समक्ष यह मामला गुरुवार को आया है।
झोन क्र. 2 के अध्यक्ष शिवेन्द्र तिवारी की कार्यप्रणाली को लेकर अब पार्षद लामबद्ध होने लगे हैं। दैनिक अवंतिका के रुप में पार्षदों को मंच मिल रहा है। झोन में चल रही अनियमितताओं के उजागर होने के बाद पार्षदों ने भी मुखर रुप धारण कर लिया है। इसी का परिणाम यह निकला है कि गुरुवार को विधि समिति की बैठक में झोन अध्यक्ष के एक कारनामे पर आपत्ति दर्ज हुई है। मामला इस प्रकार बताया जा रहा है कि फरवरी में नर्मदा-शिप्रा लिंक परियोजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने किया था। इसमें झोन अध्यक्ष ने स्वयं की दुकान से होर्डिंग बनाकर सार्वजनिक रुप से प्रचारित किया था। इस होर्डिंग में झोन के बाहर के कुछ नेताओं के फोटो तो लगाये गये थे लेकिन झोन के ही दो भाजपा पार्षदों को भेदभाव के चलते इस होर्डिंग से दूर रखा गया। इसके बिल भुगतान को लेकर पूर्व में ही एक पार्षद ने आपत्ति दर्ज करा दी थी। इसके बावजूद होर्डिंग का बिल भुगतान कर दिया गया। इस बात की जानकारी लगने पर गुरुवार को एक और पार्षद ने विधि समिति की बैठक में बिल भुगतान होने पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इसको लेकर आपत्ति पत्र भी समिति के समक्ष दिया गया है। आपत्ति पत्र की प्रति आयुक्त एवं महापौर को भी प्रस्तुत की गई है।
निर्णय के बावजूद भुगतान
विधि समिति की बैठक में गुरुवार को यह मुद्दा भी सामने आया कि पूर्व बैठक में महापौर और आयुक्त की उपस्थिति में निर्णय लिया गया था कि जिन कर्मचारियों, अधिकारियों की सर्विस बुक नगर निगम में उपलब्ध नहीं है उनका वेतन नहीं निकाला जायेगा। इसके बावजूद इस निर्णय पर अमल नहीं किया गया। समिति के सदस्यों ने इस मुद्दे पर गहन आपत्ति दर्ज कराई। यह मामला भी उठा कि स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कोठारी की सर्विस बुक में सदन की कार्रवाई दर्ज नहीं की गई। न ही उनकी कार्यप्रणाली को लेकर ही सर्विस बुक में इन्द्राज किया गया है। गौरतलब है कि डॉ. कोठारी के विरुद्ध सदन ने निंदा प्रस्ताव पारित किया गया था।

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