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खत से खुलासा, घनघोर जंगलों में राशन के लिए तरस रहे नक्सली

सुकमा
तीन दशक से नक्सल हिंसा से जूझ रहे छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सली अब बैकफुट पर नजर आने लगे हैं. आलम ये है कि बस्तर के घनघोर जंगलों में नक्सली चावल दाल सहित राशन की अन्य सामग्रियों के लिए तरस रहे हैं. बस्तर के सुकमा में बीते 10 जुलाई को हुए सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उक्त आशय का दावा किया है. पुलिस का दावा है कि सुकमा में मुठभेड़ के बाद उन्हें एक खत मिला है, जिसमें नक्सली अपने आला पदाधिकारियों से राशन की मांग कर रहे हैं.

बस्तर के सुकमा स्थित मिनपा में सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बल के जवानों ने हथियार सहित कई नक्सली दस्तावेज और सामग्री जब्त करने का दावा किया था. पुलिस का दावा है कि घटना स्थल से एक खत बरामद हुआ है, जिसमें नक्सली लीडर सीतू बटालियन डिप्टी कमांडर ने एरिया कमांडर को जानकारी दी है कि उनके पास राशन खत्म हो गया है. पत्र में राशन भिजवाने की व्यवस्था करने की बात कही गई है.

सुकमा एसपी अभिषेक मीणा ने मुठभेड़ के बाद मीडिया से चर्चा में बताया कि नक्सलियों का पत्र बरामद हुआ है. इसमें नक्सली राशन खत्म होने की बात कहते हुए ग्रामीणों से राशन की व्यवस्था करवाने की बात कह रहे हैं. एसपी मीणा ने बताया कि बस्तर में नक्सलियों के सप्लाई नेवटर्क को सुरक्षा बलों ने तोड़ा है. पिछले दिनों बस्तर में नक्सलियों के सप्लाई नेटवर्क से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारियां हुई हैं, जिससे नक्सली परेशान हैं. बता दें कि सुक​म में दस जुलाई को हुई मुठभेड़ में दो वर्दीधारी नक्सलियों को मारा गया था.

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi