कैसा रहेगा नया वर्ष 2016

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पं. शरद द्विवेदी
पं. शरद द्विवेदी

नया साल आपके लिए कैसा रहेगा,यह साल आपके जीवन में क्या उपलब्धियां देने वाला है। इसके बारे पूर्व जानकारी प्राप्त करने का माध्यम होता ज्योतिष। ज्योतिष मर्मज्ञों द्वारा कड़ी मेहनत करके वर्ष फल की गणना की जाती है। ऐसी ही गणना करके हमारे प्रकांड विद्वान, ज्योतिष मर्मज्ञ पं. शरद द्विवेदी ने कड़ी वर्ष 2016 का वर्षफल निकाला है, जो आपके भविष्य के बारे में सटीक हो सकता है, जिसके अनुसार कार्य करने पर आपको अप्रत्याशित लाभ मिल सकता है। अपने कार्य, व्यापार और जीवन से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए पं. शरद द्विवेदी से संपर्क कर सकते हैं

IMG-20151230-WA0144चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा दिनांक 08 अप्रैल 2016 शुक्रवार  को नव संवत्सर का आरभ्भ होगा इस वर्ष संवत्सर 2073 विक्रमीय संवत्सर का नाम सौम्य रहेगा 60 संवत्सर में ये 43 वॉं सौम्य संवत्सर है जिसका स्वामी चन्द्र है।
इस वर्ष के राज शुक्र और मंत्री बुध रहेगे जो आपस में परस्पर मैत्री भाव रखते है  अतः इस वर्ष उच्चाधिकारियो में विश्व पटल के सभी बड़े नेताओं में आपस में मैत्री भाव दिखेगा।
हलाकि 23 मई 2016 को 11 बजकर 01 मिनट से साधारण नामक संवत्सर का प्रवेश होगा लेकिन संवत्सर का आरभ्भ  चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा दिनांक 08 अप्रैल 2016 शुक्रवार के समय सौम्य नामक संवत्सर रहेगा अतः वर्ष पर्यन्त संकल्पादि में सौम्य संवस्तर का ही विनियोग करना चाहिये। और वर्ष पर्यनत इसी नाम के संवत्सर का फल प्राप्त होगा।
सौम्य नामक संवत्सर  का फलः- इस संवत्सर में लोग अन्न अधिक होने,महगाई कम होने,वृष्टि अच्छिी होने के कारण प्रसन्नचित रहते है। राजाओं में आपस में बैर नही होता ब्राहमण अपनी परम्परा के अनुसार चलते रहते है।
साधारण नामक संवत्सर का फलः- पृथ्वी पर वृष्टि आधी  होती है महगाई कम रहती है लेकिन आतंक और भय का वातावरण साधारण आदमी पर छाया रहता है। धनी लोगों को मामूली आमदनी होती है। लेकिन प्रजा प्रसन्न रहती है।
वर्ष लग्न:- वर्ष कुण्डली में बुध लग्नेश  और दशमेश होगर अष्टम बैठ जाने से भारत वर्ष के लिये कोई भी उन्नति संबधी कार्य करने के लिये विशेष मेहनत की आवश्यकता होगी  कोई भी उन्नति कार्य आसानी से नही बन पायेगें।
शुक्र गृह धन भाव एंव भाग्य के स्वामी होकर सप्तम भाव में सूर्य और चन्द्र के साथ बैठकर लग्न को देख रहें है अतः देश की आर्थिक स्थिति एंव धन संचय की योजना बनेगी बहुत सारे कार्य भाग्यवश होने की संभावना बनेगी चूकि सूर्य की उपस्थिति शुक और चन्दमा को थोड़ा कमजोर किये हुये है अतः‘ इन तमाम सभावनाओं को बड़ी मेहनत और होशियारी से ही किया जा सकता है।
मंगल गृह वर्ष कुण्डली में स्वग्रही होकर देश की आन्तरिक एंव बाह् सुरक्षा को मजबूत करेगें।
गुरू गृह सुख एंव व्यापार का स्वामी होकर द्वादश भाव में राहु के साथ बैठ कर अन्तराष्टीय स्तर पर कारोबार के उन्नति  हेतु     भारी मशक्कत करनी होगी ।
शनि पंचम भाव एंव षष्ठ भाव को स्वामी होकर तृतीय भाव में बैठकर भारत की अन्तराष्ट्रीय स्तर पर भारी मान सम्मान एंव स्वास्थ्य सम्बन्धी क्षेत्र में कुछ अच्छा होने के आसार  हैें।
केतु  वर्ष कुण्डली में षष्ठम भाव में बैठ कर असभंव कार्य को भी संभव कर देने की क्षमता पैदा करेंगे।
barishवर्षा योगः-  आद्रा प्रवेशांक के विचार से वर्षा के योग लगभग समान्य ही रहने के आसार हैं ं।ं  बुध लग्नेश होकर द्वादश भाव में बैठने से जहांॅ तहां सूखे का योग रहेगा। चन्द्रमा की दृष्टि लग्न में होने के कारण वर्षा की स्थिति मे सुधार होने की सभावना रहेगी। पूर्वोत्तर राज्योे मंे वर्षा अच्छी होने के आसार है । फसलो का उत्पादन लगभग अच्छा ही होने के आसार रहेंगे।
 इस वर्ष के राजा शुक का फल:- जिस वर्ष के राजा शुक्र हो उस वष कषि उपज अच्छी होती है। नदियो में भरपूर जल बहाव रहता है। वृक्ष फलों से युत रहतें है । भूजल स्तर अच्छा रहता है । जल वृष्टि अच्छी हो गाये अधिक दूध देवें।
इस वर्ष के मंत्री बुध का फल:-  धन किस तरह संचय होगा शत्रुओं को पराजित कैसे किया जाये और अपनी विदेश नीति कैसी को इस सब पर गहन चिन्तन का वष रहेगा। बुध का मंत्री होने के कारण स्त्रियां पति के साथ सुख पूर्वक जीवन बितायेगीं।धन इकठठा होगा।
राहु एंव केतु गृह की स्थितिः-
राहु:-वर्षभर सिंह राशि  मे रहकर तुला मिथुन मीन राशि के लिये शुभ रहेगा।
केतुः- वर्ष भर मेष धनु एंव कन्या राशि वालों के लिये शुभ रहेगी।
गुरू की स्थिति:-
गुरू 07 अगस्त 2016 की 12.41 रात से गुरू कन्या राशि में चलें जायेगें तारीख 15 जनवरी 2017 करे तुला राशि में जायेगे। फिर वक्री होकर 01 मार्च 2017 को कन्या में वापस आ जायेगें जो संवत्सारन्त  कन्या में रहेंगे।
गृहण की स्थितिः- इस वर्ष विश्व में 02 सूर्य गृहण होगें  एक 01 सितम्बर 2016 व दूसरा 26 फरवरी 2017  इनमें से कोई भी भारत वर्ष में नहीं दिखंगें ।
इस वर्ष विश्व में कोई भी चन्द्र गृहण नही होगें।
12 राशियों में 2016  का सूक्ष्म वर्षफल
मेष राशि – समान्य रूप से अच्छा काम बिगाडेगी शनि की अढ़ैया।
वृष राशि – कुछ दिक्कतों अतिरिक्त शेष शुभफलकारक रहेगा वर्ष।
मिथुन राशि- इन राशि वालों के लिये वर्ष शुभफलकारक रहेगा।
कर्क राशि-  आर्थिक स्थिति मजबूत होगी ।
सिंह राशि-  आर्थिक स्थिति कमजोर कर सकती है शनि की अढ़ैया।
कन्या राशि-  सम्मान एंव यश मिलेगा।
तुला राशि – शनि की साढे़साती करायेगी धन लाभ।
वृश्चिक राशि- मानसिक तनाव पैदा कर सकती है शनि की साढ़ेसाती ।
धनु राशि- धन संचय में सहयोग करेगी शनि की साढ़ेसाती ।
मकर राशि-  लाभ प्राप्त होने का समय रहेगा 2016 लकिन फरवरी 17 में इस राशि में शनि की साढ़ेसाती मानसिक तनाव दे सकती है।
कुम्भ राशिः- आत्म मंथन एंव चिन्तन का समय मिला जुला रहेगा 2016।
मीन राशि-  सभी प्रकार के सुख प्राप्त होने का समय ।
भारत वर्ष कि यदि नाम राशि धनु माने तो  इस पूरे वर्ष शनि की साढ़ेसाती  का प्रभाव रहेगा इस वर्ष शनि धन एंव पराक्रम के स्वामी होने कारण धन संचय एंव विश्व स्तर पर मान सम्मान बरकरार रखने के लिये कठोर परिश्रम करना पड़ेगा। अन्तराष्ट्रीय व्यापारिक सम्बन्ध मधुर होगंे विश्व के बड़ी हस्तियों के सहयोग से चहुओंर मान सम्मान बढ़ेगा।
मध्यप्रदेश की नाम राशि सिंह के अनुसार शनि की अढ़ैया वर्ष भर अपना प्रभाव डालेगी  लेकिन उक्त अढ़ैया प्रदेश की आर्थिक समृधि मे चार चांद लगायेगा। प्रदेश के मंत्री गणों का आपस में अच्छा समन्वय रहेगा। कई मत्रियों को विदेश यात्राओं का लाभ मिलेगा। नये उद्योग धंधो में वृधि होगी ।
सतना की नाम राशि कुभ्म होने के कारण शहर की प्रगति में चार चांद लगेंगे नये उद्योग लगेगें  सतना के विकास के लिये विशेष पैकेज मिलने के आसार है मेडिकल के क्षेत्र में भी कुछ नया होगा। सतना जिला प्रदेश मंे अपनी अलग पहचान बना पायेगा।
भोपाल  की नाम राशि धनु राशि होने के कारण के कारण पूरे वर्ष शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। कुछ नया होने के आसार है अन्तराष्ट्रिीय स्तर पर भोपाल के लिये प्रोजेक्ट मिलने के आसार।