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कांग्रेस का विधायकों को निर्देश, ऐप से रिकॉर्ड करो कॉल, हैदराबाद पहुंच रहे MLAs

नई दिल्ली/बेंगलुरु
कर्नाटक का सियासी नाटक अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है जहां कांग्रेस और जेडीएस को अपने विधायकों को टूट से बचाने के लिए तुफानी स्तर पर काम करना पड़ रहा है। कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को एक साथ रखा गया है और बेंगलुरु से देर रात बस से रवाना होने के बाद विधायक हैदराबाद पहुंचने वाले हैं। विधायकों के लिए पार्क हयात होटल में रुकने का प्रबंधन किया गया है। कांग्रेस से दो विधायक 'लापता' हैं और अब पार्टी ने अपने विधायकों को निर्देश दिया है कि वे फोन कॉल्स की रिकॉर्डिंग और ट्रैकिंग के लिए ऐप डाउनलोड कर लें।

कांग्रेस और जेडीएस ने 4 वरिष्ठ नेताओं की एक टीम तैयार की है, जिनपर विधायकों को एक साथ रखने और उन्हें किसी ऑफर के ट्रैप में नहीं फंसने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सिद्धारमैया सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और लगातार पांच बार से विधायक लिंगायत नेता शमनूर शिवशंकरप्पा को लिंगायत विधायकों को एकजुट रखने की जिम्मेदारी मिली है। ऐसी खबरें आ रहीं थीं कि कांग्रेस के लिंगायत नेता वोकलिंगा समुदाय से आने वाले जेडीएस नेता कुमारस्वामी को सीएम पद के लिए समर्थन देने से नाराज हैं। ऐसी आशंकाएं हैं कि ये विधायक लिंगायत नेता येदियुरप्पा के पक्ष में पलट सकते हैं।

आपको बता दें कि शिवशंकरप्पा ऑल इंडिया वीरशैव महासभा के अध्यक्ष भी हैं, जो लिंगायत/वीरशैव समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है। सारे विधायकों पर नजर रखने की जिम्मेदारी जेडीएस नेता बीजेड जमीर अहमद को सौंपी गई है। वहीं, ओबीसी विधायकों की जिम्मेदारी कांग्रेस नेता सतीश जरकीहोल्ली को मिली है। इस बीच कांग्रेस के दो विधायक आनंद सिंह और पार्थपगौड़ा पाटील गायब बताए जा रहे हैं। आनंद सिंह के संदर्भ में गुरुवार को कुमारस्वामी ने भी बयान देते हुए कहा था कि उन्हें बीजेपी ईडी की मदद से धमका रही है।

कांग्रेस को अपने एक और नेता कुदलिगी विधायक नागेंद्र को लेकर भी संदेह है। नागेंद्र बीजेपी नेता बीआर श्रीरामुलु के संबंधी हैं। इससे पहले कांग्रेस और जेडीएस विधायकों को कथित तौर पर चार्टर फ्लाइट का इस्तेमा कर बाहर नहीं जाने देने का आरोप भी सामने आ चुका है। बताया जा रहा है कि बेंगलुरु रिजॉर्ट से सुरक्षा व्यवस्था हटाने के बाद कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को 3 चार्टर विमानों की मदद से बाहर ले जाने की योजना थी। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर कथित तौर पर इन चार्टर प्लेनों को उड़ने की अनुमति नहीं मिली।

हालांकि एविशन मिनिस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस रिपोर्ट को खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि भारत में चार्टर प्लेनों की उड़ानों के लिए डीजीसीए की अनुमति जरूरी नहीं होती। गुजरात राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के विधा.कों को खरीद-फरोख्त से बचाने में सफलता दिखा चुके कांग्रेस के विधायक और 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' के एक्सपर्ट बनकर उभरे पूर्व मंत्री डीके शिवकुमार को एक बार फिर सारे विधायकों के संरक्षण की जिम्मेदारी मिली है। उधर, बीजेपी ने कहा है कि उन्हें जानकारी ही नहीं है कि कांग्रेस-जेडीएस के विधायक कहां हैं और पार्टी अपने दम पर बहुमत साबित कर लेगी। हालांकि बीजेपी ने अबतक नहीं बताया है कि ऐसा कैसे होगा।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi