सिंहस्थ ( महाकुंभ )

अबकी बार संतों को पद के साथ आमंत्रण

संतों के साथ व्यवस्थाओं के संबंध में 14 को मंथन

सिंहस्थ-2016 के आयोजन को लेकर मेला कार्यालय में होगी बैठक

sinhashth_20_02_2016brijesh parmar
उज्जैन। सिंहस्थ-2016 के सफल आयोजन को लेकर अखाड़ों के माननीय श्री महंत एवं सचिव की बैठक 14 मार्च को रखी गई है। पूर्वान्ह 11 बजे मेला कार्यालय में आयोजित इस बैठक के लिये अबकी बार संतों को पद के साथ आमंत्रण दिया गया है। मेला अधिकारी का यह आमंत्रण बुधवार को नोडल अधिकारी स्वयं लेकर अखाड़ों में पहुंचे।
सिंहस्थ मेला कार्यालय की ओर से पिछली बार की गई गलती को इस बार पूरी तरह ध्यान में रखा गया। पिछली बार आमंत्रण में गलती होने के बाद संतों ने बैठक का विरोध कर दिया था। विरोध के चलते जिस दिन बैठक होने वाली थी, उसी दिन सुबह-सुबह बैठक स्थगित का निर्णय लिया गया था। बैठक का मामला प्रभारी मंत्री और मुख्यमंत्री तक भी पहुंच गया था। जिस तरह से आमंत्रण पिछली बार किये गये थे, उसी से संत नाराज हुए थे। उन्होंने अपनी नाराजगी खुले तौर पर दर्ज करवाई थी। यहां तक कि अ.भा. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और सचिव ने भी अपनी नाराजगी जता दी थी। बुधवार को सिंहस्थ मेला अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी आमंत्रण पत्र में अ.भा. अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्रगिरी महाराज एवं परिषद के महासचिव श्री महंत हरिगिरीजी महाराज को आमंत्रण दिया गया है।
बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा
दिये गये आमंत्रण में बैठक में प्रवेशाई एवं शाही स्नान की तिथियां मार्ग तथा समय के निर्धारण के संबंध में चर्चा की जानी है। बैठक में अखाड़ों के श्रीमहंत एवं सचिव अपेक्षित किये गये हैं। आमंत्रण में अंकित किया गया है कि बैठक में स्वयं पधारकर अनुग्रहित करें। बैठक उपरांत भोजन प्रसादी भी रखी गई है।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi